Shunya Ki Nav (शून्य की नाव)
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"एकांत में प्रेमपूर्ण होने का प्रयोग करें, खोजें, टटोलें अपने भीतर। हो जाएगा, होता है, हो सकता है। जरा भी कठिनाई नहीं है। कभी प्रयोग ही नहीं किया उस दिशा में, इसलिए खयाल में बात नहीं आ पाई है।
निर्जन में भी फूल खिलते हैं और सुगंध फैला देते हैं।
निर्जन में, एकांत में प्रेम की सुगंध को पकड़ें। जब एक बार एकांत में प्रेम की सुगंध पकड़ जाएगी, तो आपको खयाल आ जाएगा कि प्रेम कोई रिलेशनशिप नहीं है, कोई संबंध नहीं है।
प्रेम स्टेट ऑफ माइंड है, स्टेट ऑफ कांशसनेस है, चेतना की एक अवस्था है"—ओशो
पुस्तक के कुछ मुख्य विषय-बिंदु:
मौन द्वार की यात्रा क्या है मनुष्य की वस्तुस्थिति? जीवन की कला क्या हैं प्रेम के असफल होने के कारण? धैर्य और प्रतीक्षा
निर्जन में भी फूल खिलते हैं और सुगंध फैला देते हैं।
निर्जन में, एकांत में प्रेम की सुगंध को पकड़ें। जब एक बार एकांत में प्रेम की सुगंध पकड़ जाएगी, तो आपको खयाल आ जाएगा कि प्रेम कोई रिलेशनशिप नहीं है, कोई संबंध नहीं है।
प्रेम स्टेट ऑफ माइंड है, स्टेट ऑफ कांशसनेस है, चेतना की एक अवस्था है"—ओशो
पुस्तक के कुछ मुख्य विषय-बिंदु:
ISBN: 978-81-7261-263-4
No. of Pages: 148
Cover: PAPER BACK
Details
ध्यान साधना शिविर, नारगोल में ध्यान-प्रयोगों एवं प्रश्नोत्तर सहित हुई सीरीज के अंतर्गत दी गईं सात OSHO Talks
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