Satya Ka Darshan (सत्य का दर्शन)

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प्रेम है दान स्वयं का
आपको पता है ईश्वर के संबंध में? आप जानते हैं? पहचानते हैं? है भी या नहीं है, दोनों बातें आपको पता नहीं हैं। लेकिन बचपन से हम कुछ सुन रहे हैं। और उस सुने को हमने स्वीकार कर लिया है। और उस स्वीकृति पर ही हमारी खोज की मृत्यु हो गई, हत्या हो गई। जो आदमी स्वीकार कर लेता है, वह आदमी अंधा हो गया।
ओशो
ISBN: 978-81-7261-358-7
No. of Pages: 138
Cover: HARD COVER

Details

जीवन के विभिन्न पहलुओं पर दी गईं पांच OSHO Talks का संग्रह