Krantibeej (क्रांतिबीज)
₹350.00
In stock
"कुछ क्रांतिबीज हवाएं मुझसे लिये जा रही हैं। मुझे कुछ ज्ञात नहीं कि वे किन खेतों में पहुंचेंगे, और कौन उन्हें सम्हालेगा। मैं तो इतना ही जानता हूं, उनसे ही मुझे जीवन के, अमृत के, और प्रभु के फूल उपलब्ध हुए हैं, और जिस खेत में भी वे पड़ेंगे, वहीं की मिट्टी अमृत के फूलों में परिणत हो जाएगी।"—ओशो
ISBN: 978-81-7261-058-6
No. of Pages: 220
Cover: HARD COVER
Details
सौ. मदन कुंवर पारेख, चांदा को ओशो द्वारा लिखे गए 120 पत्रों का संग्रह
Please complete your information below to login.
Sign In
Create New Account