Jeevan Kranti Ke Sutra (जीवन क्रांति के सूत्र)
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जीवन क्या है?
वीणा स्वयं संगीत नहीं है, वीणा से संगीत पैदा हो सकता है।
जन्म स्वयं जीवन नहीं है, जन्म से जीवन पैदा हो सकता है।
और कोई चाहे तो जन्म की वीणा को कंधे पर रखे हुए मृत्यु के दरवाजे तक पहुंच जाए, उसे जीवन नहीं मिल जाएगा।
जन्म तो मिलता है मां-बाप से, जीवन कमाना पड़ता है स्वयं। जन्म मिलता है दूसरों से, जीवन पाना पड़ता है खुद।
जन्म मिलता है, जीवन खोजना पड़ता है।
जीवन की खोज एक कला है।
ओशो
पुस्तक के कुछ मुख्य विषय-बिंदु:
पहला सूत्र: जीवन क्या है?
दूसरा सूत्र: मैं कौन हूं?
तीसरा सूत्र: कैसा हो आपका आहार?
चौथा सूत्र: क्या आप ‘केवल’ आदमी हैं, या कि कुछ और...?
वीणा स्वयं संगीत नहीं है, वीणा से संगीत पैदा हो सकता है।
जन्म स्वयं जीवन नहीं है, जन्म से जीवन पैदा हो सकता है।
और कोई चाहे तो जन्म की वीणा को कंधे पर रखे हुए मृत्यु के दरवाजे तक पहुंच जाए, उसे जीवन नहीं मिल जाएगा।
जन्म तो मिलता है मां-बाप से, जीवन कमाना पड़ता है स्वयं। जन्म मिलता है दूसरों से, जीवन पाना पड़ता है खुद।
जन्म मिलता है, जीवन खोजना पड़ता है।
जीवन की खोज एक कला है।
ओशो
पुस्तक के कुछ मुख्य विषय-बिंदु:
पहला सूत्र: जीवन क्या है?
दूसरा सूत्र: मैं कौन हूं?
तीसरा सूत्र: कैसा हो आपका आहार?
चौथा सूत्र: क्या आप ‘केवल’ आदमी हैं, या कि कुछ और...?
ISBN: 978-81-7261-357-0
No. of Pages: 116
Cover: HARD COVER
Details
जीवन के विभिन्न पहलुओं पर मुंबई में हुई सीरीज के अंतर्गत दी गईं चार OSHO Talks
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