Amrit Varsha (अमृत वर्षा)
₹190.00
In stock
धर्म की यात्रा
धार्मिक आदमी वह नहीं है जो मंदिर जाता हो, बल्कि वह है जो स्वयं मंदिर बन गया हो। और हर आदमी मंदिर बन सकता है। और तभी जीवन में वे किरणें उपलब्ध होती हैं जो आनंद की हैं, जो प्रेम की हैं, जो सौंदर्य की हैं। और तभी वह शांति मिलती है, जिसे उच्छेद करने की सामर्थ्य फिर किसी में भी नहीं है। और तभी वह संपदा उपलब्ध होती है, जिसे खोने का कोई उपाय नहीं है। और तभी मिलता है वह अमृत-जीवन, जिसकी कोई मृत्यु नहीं है। लेकिन उसके लिए भीतर की यात्रा करनी जरूरी है।
ओशो
धार्मिक आदमी वह नहीं है जो मंदिर जाता हो, बल्कि वह है जो स्वयं मंदिर बन गया हो। और हर आदमी मंदिर बन सकता है। और तभी जीवन में वे किरणें उपलब्ध होती हैं जो आनंद की हैं, जो प्रेम की हैं, जो सौंदर्य की हैं। और तभी वह शांति मिलती है, जिसे उच्छेद करने की सामर्थ्य फिर किसी में भी नहीं है। और तभी वह संपदा उपलब्ध होती है, जिसे खोने का कोई उपाय नहीं है। और तभी मिलता है वह अमृत-जीवन, जिसकी कोई मृत्यु नहीं है। लेकिन उसके लिए भीतर की यात्रा करनी जरूरी है।
ओशो
ISBN: 978-81-7261-387-7
Cover: HARD COVER
Details
जीवन के विभिन्न पहलुओं पर पुणे एवं मुंबई में दी गईं छह OSHO Talks का संग्रह
Please complete your information below to login.
Sign In
Create New Account