शून्य समाधि – Shunya Samadhi
₹240.00
In stock
आज सारी मनुष्यता बीमार है। प्रकृति के चारों तरफ दीवालें उठा दी गई हैं और आदमी उनके भीतर बैठ गया है। और यह आदमियत स्वस्थ नहीं हो सकेगी जब तक कि चारों तरफ उठी हुईं दीवालों को हम गिरा कर प्रकृति से वापस संबंध न बांध सकें।
ISBN: 978-0-88050-865-0
No. of Pages: 563
Cover: HARD COVER
Details
जीवन के विभिन्न पहलुओं पर राजकोट में प्रश्नोत्तर सहित हुई प्रवचनमाला के अंतर्गत ओशो द्वारा दिए गए पांच प्रवचन
Please complete your information below to login.
Sign In
Create New Account