Mitti Ke Diye (मिट्टी के दीये)

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"कहानियां सत्य की दूर से आती प्रतिध्वनियां हैं—एक सूक्ष्म सा इशारा, एक नाजुक सा धागा। तुम्हें खोजते रहना होगा। तब कहानी धीरे-धीरे अपने खजाने तुम्हारे लिए खोलने लगेगी।
यदि तुम कहानी को वैसे ही लो जैसी वह दिखाई देती है, तुम उसके संपूर्ण अर्थ से ही चूक जाओगे। प्रत्यक्ष वास्तविक नहीं है। वास्तविक छिपा है...बड़े गहरे में छिपा है—जैसे किसी प्याज में कोई हीरा छिपा हो। तुम उघाड़ते जाते हो, उघाड़ते जाते हो: प्याज की परतों पर परतें, और तब हीरा उजागर होता है।"—ओशो
ISBN: 978-81-7261-032-6
No. of Pages: 204
Cover: HARD COVER

Details

ओशो द्वारा लिखी गई 60 बोधकथाओं का संग्रह