Dhyan Ke kamal (ध्यान के कमल)
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ध्यान के लिए पहली बात तो है साहस। दूसरी बात, अपने से सावधान रहना। क्योंकि आप ही अपने को धोखा दे सकते हैं, कोई और नहीं। सच तो यह है कि इस जगत में दूसरे को धोखा देना संभव ही नहीं है। सिर्फ अपने को ही धोखा दिया जा सकता है। वी कैन डिसीव ओनली अवरसेल्व्स। कोई किसी दूसरे को धोखा दे ही नहीं सकता। दूसरे को धोखा देकर अगर आप कुछ पा भी लेंगे, तो वह दो कौड़ी का है, मौत उसे छीन लेगी। लेकिन अपने को धोखा देकर हम ऐसा कुछ खो सकते हैं कि जन्म-जन्म भटक जाएं और उसे पाना मुश्किल हो जाए। और हम सब अपने को धोखा देते हैं। तो दूसरी बात आपसे कहता हूं, अपने को धोखा देने से सावधान रहना। ओशो
ISBN: 978-81-7261-140-8
No. of Pages: 140
Cover: HARD COVER
Details
ध्यान साधना शिविर, पुणे में ध्यान-प्रयोगों एवं प्रश्नोत्तर सहित हुई सीरीज के अंतर्गत दी गईं दस OSHO Talks
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