Bin Ghan Parat Phuhar (बिन घन परत फुहार)
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सहजोबाई के ये वक्तव्य कोई बड़े काव्य नहीं हैं, इनमें कोई बड़ी कविता नहीं है। पर इसमें सीधी चोट है। इसमें कोई बड़ी लफ्फाजी नहीं है, कोई कला नहीं है। यह सीधी-सीधी बात है--एक साधारण, शुद्ध हृदय स्त्री की बात है।
ISBN: 978-81-7261-236-8
Cover: HARD COVER
Details
सहजोबाई के वचनों पर प्रश्नोत्तर सहित पुणे में हुई सीरीज के अंतर्गत दी गईं दस OSHO Talks
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